अन्‍य

धरती के स्वर्ग में भी नशे का अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी

केशकाल। छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर से 171 किलोमीटर दूर कोंडागांव जिले के केशकाल घाटी जो की प्राकृतिक सुंदरताओं और शांत वातावरण से सराबोर घने बीहड़, जंगल, शुद्ध प्राकृतिक हवा खेत खलियान बाहरी सैलानियों को हमेशा से आकर्षित करती रही है। शाश्वत कलम समाचार टीम एवं त्वरित खबरे की टीम ने केशकाल, कोंडागांव एवं बस्तर के दौरे पर निकले। तो पाया कि प्राकृतिक सुंदरताओं और शांत वातावरण से सराबोर घने बीहड़, जंगल, एवं शुद्ध प्राकृतिक हवा खेत खलियान आज भी मंत्रमुग्ध करते है, कांकेर, केशकाल, कोंडागांव एवं बस्तर का मानवीय जीवन देखे तो यहां के आदिवासी लोग आज भी सीधे साधे और बहुत ही सहज सरल और सहयोगी स्वभाव के है। इन जिलों का क्षेत्र भौगोलिक और प्राकृतिक दृष्टि से धरती का स्वर्ग से कम नहीं है, कारण यही रहा कि यहां की आबोहवा, प्राकृतिक सुंदरता बाहरी एवं शहरी सैलानियों को हमेशा से आकर्षित करती रही है। वहीं दूसरी ओर शाश्वत कलम एवं त्वरित खबरे की टीम ने क्षेत्र का भ्रमण करने पर पाया कि स्थानीय सीधे साधे, सहज, सरल स्वभाव के आदिवासियों को नशे की लत में ढकलने का कारोबार भी बड़े स्तर पर अवैध मादक पदार्थों का धंधा करने वालो के द्वारा जारी कर रखा गया है, जिसकी जानकारी सूत्रों द्वारा मिलने पर शाश्वत कलम एवं त्वरित खबरे की टीम ने क्षेत्र का भ्रमण कर ऐसे ही कुछ अवैध नशे पिलाने और नशा दिलाने के कारोबारियों में संलिप्त (गांजा जैसे मादक प्रदार्थ जो कि शासन की नजरों में भी अवैध है, अवैध मादक पदार्थों को बेचने वालो को कैमरे में कैद किया।

इन मादक पदार्थों का अवैध कारोबार आदिवासी क्षेत्रो में युवा और जवानों को नशे के लत में डुबोते जा रही है, जिससे के यहां के युवाओं और जवानों का भविष्य अंधकारमय और नाशवान कर सकती है, शासन प्रशासन को इस दिशा में त्वरित कार्रवाई करना चाहिए और ऐसे अवैध मादक पदार्थों एवं नशे के कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई करना चाहिए।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button