
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन का ऐलान: तीन दिन जिलेभर में कलमबंद–कामबंद
दुर्ग। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने अपनी लंबित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर तीसरे चरण का जिला स्तरीय आंदोलन तेज कर दिया है। फेडरेशन ने घोषणा की है कि 29, 30 और 31 दिसंबर 2025 को पूरे प्रदेश में कलमबंद–कामबंद आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इस दौरान सभी कर्मचारी-अधिकारी कार्यस्थलों पर उपस्थित तो रहेंगे, लेकिन कोई सरकारी कार्य नहीं करेंगे। संगठन ने सभी कर्मचारियों से पूर्ण एकजुटता के साथ आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
“मोदी की गारंटी लागू करो” अभियान के तहत आंदोलन तेज
फेडरेशन ने कहा है कि नियमित कर्मचारियों को केंद्र के समान वेतनमान, महंगाई भत्ता, वेतन विसंगति समाधान और सेवा शर्तों में सुधार सहित कई अहम मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह चरणबद्ध आंदोलन जारी है।
फेडरेशन की 11 प्रमुख मांगें
- केंद्र के समान वेतनमान और DA लागू किया जाए।
- बकाया महंगाई भत्ता (DA) GPF खाते में जमा किया जाए।
- सभी कर्मचारियों को केंद्र के समान वेतनमान का लाभ मिले।
- विभागों में लंबित वेतन विसंगतियों का निराकरण।
- समय-मान वेतनमान नियम बनाए और लागू किए जाएँ।
- नियमितीकरण एवं सेवा शर्तों में सुधार।
- शिक्षकों की पदोन्नति और वरिष्ठता संबंधी लंबित मामलों का समाधान।
- संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की नीति बने।
- लंबित भत्तों का भुगतान किया जाए।
- दिव्यांग कर्मचारियों के हित में विशेष नीति लागू हो।
- सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए।
- आंदोलन के दौरान कार्यक्रम
फेडरेशन ने बताया कि आंदोलन के तीनों दिनों में—
- ब्लॉक स्तर पर रैली,
- धरना,
- ज्ञापन सौंपने,
- तथा जनजागरण अभियान आयोजित किए जाएंगे।
संगठन सोशल मीडिया, स्थानीय माध्यमों और बैठकों के जरिए व्यापक स्तर पर कर्मचारियों तक संदेश पहुंचाएगा।
फेडरेशन की अपील
फेडरेशन ने कहा—
“आइए, संगठित होकर एक मजबूत संदेश दें… वादा निभाओ, गारंटी लागू करो!”
जिलेभर में इस आंदोलन को लेकर तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं और कर्मचारियों में व्यापक उत्साह देखा जा रहा है।