
Publish Date: | Mon, 29 Nov 2021 12:08 AM (IST)
जगदलपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बस्तर को प्रदेश की राजधानी से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 30 के अंतर्गत जगदलपुर-धमतरी मार्ग को फोर लेन में बदलने की मांग जल्दी पूरी नहीं होने वाली है। इसके लिए अभी और कुछ सालों तक इंतजार करना पड़ेगा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत शासन के अनुसार जगदलपुर-धमतरी के बीच यातायात का दबाव इतना नहीं है कि इसे फोर लेन में बदला जाए। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक माह पूर्व 28 अक्टूबर को भाजपा के पूर्व स्थानीय विधायक संतोष बाफना को पत्र लिखकर इस बात की जानकारी दी है। बाफना ने इस साल 10 फरवरी को केंद्र सरकार को पत्र लिखकर जगदलपुर-धमतरी मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग 30 के अंतर्गत) को फोर लेन में बदलने अथवा भारत माला परियोजना में शामिल करने की मांग की थी। इस पत्र के जवाब में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में अपर सचिव अमित कुमार घोष ने भाजपा नेता को पत्र लिखकर मांग पूरी नहीं कर पाने के कारणों की जानकारी दी है। पत्र में बताया गया है कि सड़कों के चौड़ीकरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश के अनुसार संशोधित यातायात 10 हजार पीसीयू (पैसेंजर कार यूनिट) से अधिक होने पर सड़कें फोर लेन चौड़ीकरण के योग्य होंगी। बताया गया कि 2019-20 में (26 जुलाई से एक अगस्त 2019) बस्तर जिला अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर बदईगुड़ा टोल प्लाजा में एटीसीसी (आटोमेटिक ट्रैफिक काउंटर एंड क्लासीफायर) बेस्ड ट्रैफिक सर्वे कराया गया था। जिसमें उक्त स्थान पर 9133 पीसीयू प्रतिदिन यातायात पाया गया। भविष्य में पुनः राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात के भार के आकलन के लिए सर्वेक्षण कराया जाएगा और यदि मापदंड के अनुकूल यातायात पाया जाता है तो प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग के मरम्मत कार्य की जानकार भी दीपत्र में जगदलपुर-धमतरी के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण एवं मरम्मत संबंधी कार्यों की जानकारी भी दी गई है। इसके अनुसार धमतरी से जगदलपुर के बीच (कांकेर से बेड़मा को छोड़कर) हाल ही में दो लेन पेव्ड शोल्डर मार्ग का कार्य पूर्ण हुआ है। कांकेर से बेड़मा के मध्य भी दो लेन पेव्ड शोल्डर का कार्य प्रगति पर है। बताया गया है कि वर्तमान में भारतमाला परियोजना की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जा चुका है। पत्र में कहा गया है कि भविष्य में भारतमाला परियोजना की कार्ययोजना तैयार करते समय इस मार्ग को यातायात भार के आकलन के अनुसार फोर लेन चौड़ीकरण पर विचार कर लिया जाएगा। उत्तराखंड से शुरू होकर आंध्रप्रदेश में समाप्त होता है एनएच 30राष्ट्रीय राजमार्ग 30 उत्तराखंड के सितारगंज से प्रारंभ होकर उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना से गुजरते हुए आंध्रप्रदेश के इब्राहिमपटनम विजयवाड़ा में समाप्त होता है। इसकी लंबाई 1984.30 किलोमीटर है। बस्तर संभाग में चरामा से लेकर कोंटा तक का मार्ग इसी राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत शामिल है। जगदलपुर-रायपुर के बीच धमतरी से रायपुर तक राष्ट्रीय राजमार्ग को फोर लेन में बदलने निर्माण कार्य चल रहा है। बस्तर वासियों की मांग धमतरी-जगदलपुर को भी फोर लेन से जोड़ने की रही है क्योंकि रायपुर के लिए रेलमार्ग की सुविधा नहीं है और यही सड़क आवागमन का सबसे प्रमुख मार्ग है। कैसे होता है पीसीयू सर्वेक्षणराष्ट्रीय राजमार्ग के जगदलपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के जिम्मेदार उच्च अधिकारियों से पैसेंजर कार यूनिट (पीसीयू) सर्वेक्षण की विधि को लेकर जानकारी लेने फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। कार्यालय के एक कनिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि एक निश्चित समयावधि में संबंधित क्षेत्र से गुजरने वाले वाहन बैलगाड़ी से लेकर ट्रेलर जैसे हैवी भारवाहक वाहनों की संख्या, भारवाहक क्षमता आदि की जानकारी एकत्र का फार्मूले के अनुसार सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार करने का प्रावधान है।
Posted By: Nai Dunia News Network



