छत्तीसगढ़

प्रशासन ने एनएमडीसी को सौंपा अस्पताल का प्रोजेक्ट रिपोर्ट

Publish Date: | Fri, 26 Nov 2021 12:14 AM (IST)

जगदलपुर। बीते 13 सालों से नगरनार स्टील प्लांट प्रभावित क्षेत्र में सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल के निर्माण को लेकर निर्मित असमंजस की स्थिति खत्म होने वाली है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर जिला प्रशासन ने जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर नगरनार रोड पर स्थित ग्राम कोपागुड़ा-खुटपदर में सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल के निर्माण के लिए तीन दिन पहले डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) को भेज दिया है। करीब 236 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल छह मंजिला होगा। लगभग 22 एकड़ क्षेत्र में अस्पताल भवन, आवासीय कालोनी व अन्य बुनियादी जरूरतों से जुड़े निर्माण कार्य किए जाएंगे। नगरनार स्टील प्लांट के अधिकारियों ने जिला प्रशासन से सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल के निर्माण के लिए प्रस्ताव मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि जिस दिन प्रस्ताव प्राप्त हुआ उसी दिन कंपनी मुख्यालय हैदराबाद भेज दिया गया है। एनएमडीसी से प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग निर्माण के लिए ग्लोबल टेंडर जारी करेगा। बस्तर जिले में तोकापाल विकासखंड में जगदलपुर से आठ किलोमीटर दूर मेडिकल कालेज डिमरापाल के सामने केंद्र सरकार के सहयोग से एक सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल का निर्माण चल रहा है। यहां निर्माण पूर्णता की ओर है। 2023 में यहां सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल का शुभारंभ करने की रणनीति के तहत काम जोरों से चल रहा है। कोपागुड़ा-खूटपदर में सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल बनने से जिले में एक मेडिकल कालेज, एक जिला जिला चिकित्सालय और दो सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल हो जाएंगे। इसके अलावा नगरनार और एनएमडीसी के आवासीय परिक्षेत्र चोकावाड़ा में दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ यहां जगदलपुर में महारानी अस्पताल में भी ट्रामा सेंटर सहित सुपर स्पेशियालिटी से जुड़ी अतिरिक्त चिकित्सा सुविधा के विस्तार की योजना भी है। प्लांट खड़ा हो गया अस्पताल की नींव नहीं पड़ीनगरनार में इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट (एकीकृत इस्पात संयंत्र) की स्थापना के लिए तीन सितंबर 2008 को आधारशिला रखी गई थी उसी दिन क्षेत्र के लोगों की मांग पर सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल, विश्वस्तरीय खेल परिसर और आवासीय विद्यालय की स्थापना करने की घोषणा भी की गई थी। आधारशिला रखने आए तत्कालीन केंद्रीय इस्पात मंत्री रामविलास पासवान ने ये घोषणाएं की थी। आवासीय विद्यालय चोकावाड़ा में बना दिया गया लेकिन कोपागुड़ा-खूूटपदर में अस्पताल और गरावंड में खेल परिसर के लिए 2010 में जमीन अधिगृहीत करने के बाद भी ये दोनों संस्थान बनाए नहीं जा सके। सीएम ने दिया था निर्देशसालों तक असमंजस की स्थिति बनी रहने के बाद पिछले एक साल से प्रदेश सरकार का इस मामले पर कड़ा रूख सामने आने के बाद अस्पताल का रास्ता साफ होने लगा है। 26 जून 2021 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उनसे मिलने रायपुर पहुंचे एनएमडीसी के अध्यक्ष सह प्रबंधक निदेशक सुमीत देब को अस्पताल की स्थापना को लेकर काम तेज करने का निर्देश दिया था। इसके दूसरे दिन 27 जून 2021 को प्रभारी मंत्री कवासी लखमा की अध्यक्षता में यहां जगदलपुर में स्थानीय विधायकों की मौजूदगी में जिला प्रशासन और एनएमडीसी के अधिकारियों की बैठक में भी यही मुद्दा छाया रहा था। कलेक्टर रजत बंसल द्वारा इस परियोजना पर काम शुरू करने लोक निर्माण विभाग ेसे प्रोजेक्ट रिपोर्ट प्राप्त कर एनएमडीसी को भेज दिया गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

 

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