
नई दिल्ली. नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) में देश के लोगों की दिलचस्पी बढ़ती जा रही है. यही वजह है कि रिटायरमेंट फंड बनाने वाली इस योजना में निवेश बढ़ता जा रहा है. पिछले एक साल में एनपीएस की विभिन्न योजनाओं में निवेश करने वालों की संख्या में करीब 1 करोड़ की वृद्धि हुई है. अटल पेंशन योजना में निवेश करने वालों की संख्या सबसे ज्यादा बढ़ी है.
रिटायरमेंट फंड बनाने के लिए एनपीएस सबसे ज्यादा पसंदीदा विकल्प बनता जा रहा है. इस योजना को पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट की ओर से संचालित किया जाता है.
5 करोड़ के पार पहुंचे सब्सक्राइबर्स
वित्त मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को दी गई जानकारी में बताया गया कि राष्ट्रीय पेंशन स्कीम के सब्सक्राइबर्स की संख्या मार्च 20222 में 5.20 करोड़ पर पहुंच गई. मार्च 2021 में इसके 4.24 करोड़ सब्सक्राइबर्स थे.
यानी एक साल में 96 लाख सब्सक्राइबर्स इससे जुड़े हैं. सालाना आधार पर एनपीएस की विभिन्न स्कीमों से जुड़ने वाले सब्सक्राइबर्स की संख्या में 22.58 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है.
APY का एयूएम 7.36 लाख करोड़
वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2022 के अंत तक सबसे ज्यादा अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के सब्सक्राइबर्स थे. अटल पेंशन योजना के निवेशकों की संख्या बढ़कर 3.62 करोड़ पर पहुंच चुकी है. 31 मार्च, 2022 तक अटल पेंशन योजना के तहत 7,36,592 करोड़ रुपये का कुल पेंशन एसेट अंडर मैनेजमेंट रहा.
मार्च 2021 की तुलना में इसके एयूएम में 27.43 फीसदी की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज हुई है. राज्य सरकार के 55.77 लाख कर्मचारी और केंद्र सरकार के 22.84 लाख कर्मचारी एनपीएस की विभिन्न योजनाओं से जुड़े हुए हैं. प्राइवेट कंपनियों के 14.04 लाख और 22.92 लाख आम लोग राष्ट्रीय पेंशन सिस्टम की विभिन्न स्कीमों के सब्सक्राइबर्स हैं.
एनपीएस को वर्ष 2004 में शुरू किया गया था. पहले इसमें सिर्फ सरकारी कर्मचारी ही निवेश कर सकते थे लेकिन 2009 में इसे सभी के लिए खोल दिया गया. इसमें निवेश करने वाले 60 साल की उम्र पूरी होने पर इकट्ठी हुई
राशि के एक हिस्से को एकमुश्त निकाल सकते हैं और शेष बची हुई राशि से नियमित तौर पर पेंशन मिलती रहती है. एनपीएस में निवेश पर जहां ज्यादा रिटर्न मिलता है वहीं टैक्स छूट भी मिलता है.




