छत्तीसगढ़

अंडर ब्रिज का ग्रामीणों ने किया विरोध, मंडल प्रबंधक के नाम सौंपा ज्ञापन

Publish Date: | Mon, 06 Dec 2021 11:58 PM (IST)

कोसमंदा (नईदुनिया न्यूज)। अंडर ब्रिज के अंदर पानी भराव की आशंका को देखते हुए पुल निर्माण के लिए गड्ढा खोदवाने गए रेलवे के ठेकेदार व अधिकारियों का ग्रामीणों ने विरोध किया व मंडल रेलवे प्रबंधक बिलासपुर के नाम से ज्ञापन सौंपा।ग्राम पंचायत कोसमन्दा के समपार क्रमांक 335 को रेलवे प्रशासन द्वारा बंद कर उसकी जगह अंडर ब्रिज का निर्माण कराया जाना है। जिसका विरोध ग्रामीण प्रारंभ से करते आ रहे हैं। इसके लिये ग्राम पंचायत ने रेलवे प्रशासन व भारत सरकार से पत्राचार कर निर्माण कार्य के लिए आपत्ति जताई है और ग्रामीणों की समस्याओं से अवगत कराया है। ग्राम पंचायत के सरपंच ने बताया कि क्षेत्र में जितने भी अंडर ब्रिज बने हैं उन सभी में पानी का भराव रहता है चाहे भोजपुर अंडर ब्रिज हो या सिवनी कोसमन्दा को जोड़ने वाली एक मात्र समपार। सिवनी- कोसमन्दा अंडर ब्रिज में आवागमन केवल 2 माह ही चलता है शेष दिनों में अंडर ब्रिज में पानी भरा रहता है। ग्रामीण सिवनी पहुंचने के लिये या तो 2 किलोमीटर की जगह 6 किलोमीटर की दूरी तय करे या जान जोखिम में डाल कर रेल क्रास करे। रेलवे की इस निर्णय से कई लोगों की जान भी जा चुकी है। सरपंच ने बताया कि अभी भी पूर्व में खोदे गये गड्ढे में 15 फिट पानी भरा हुआ है और खोदाई करने से पानी का निकासी संभव नहीं है। इसी समपार से 4 हजार ग्रामीण पार कर बस्ती की तरफ आवागमन करते हैं। गांव की अधिकांश खेत इसी तरफ पड़ता है व मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ कोसमन्दा -बहेराडीह, जाटा, सुखरी, को जोडता है। हजारों लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। यदि रेलवे प्रशासन को ब्रिज बनाना है तो ओवर ब्रिज बनाएं ताकि अन्य स्थानों पर बने अंडर ब्रिज जैसी समस्या न आए। इस समस्या से अपने प्रवास पर कोसमन्दा पहुंचे सांसद ज्योत्सना महंत को भी अवगत कराया जा चुका है।

Posted By: Nai Dunia News Network

 

Related Articles

Back to top button