
Publish Date: | Thu, 18 Nov 2021 12:12 AM (IST)
टुंडरी। बलौदाबाजार जिले के ग्राम टुंडरी में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के आठवें दिन किशोरी आराध्या शर्मा ने सुदामा चरित्र की कथा का वर्णन किया।उन्होंने बताया कि सुदामा संसार में सबसे अनोखे भक्त थे। वे जीवन में जितने गरीब नजर आए अपने मन से धनवान थे। उन्होंने अपने सुख और दुखों को भगवान की इच्छा पर सौंप दिया था। श्री कृष्णा और सुदामा के मिलन का प्रसंग सुनाकर श्रद्घालुओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कहा भगवान श्री कृष्ण से जब मिलने गए सुदामा तो उन्होंने सुदामा के फटे कपड़े नहीं देखते बल्कि मित्र भावनाओं को देखा। किशोरी जी कहती हैं कि मनुष्य को अपना कर्म नहीं भूलना चाहिए अगर सच्चा मित्र है तो श्री कृष्णा और सुदामा की तरह होना चाहिए। जीवन में मनुष्य को श्री कृष्ण की तरह अपनी मित्रता निभानी चाहिए। इस दौरान कथा में क्षेत्रीय विधायक व संसदीय सचिव चंद्र देव राय टुंडरी कथा स्थल पहुंचकर श्रद्घा भक्ति के साथ कथा का रसपान किया। साथ आसपास के जनप्रतिनिधि व कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे। समापन पर अमसेन से आए हुए पंडित आलोक चौबे और आयुष मिश्रा द्वारा विधि विधान से हवन कराया। इसके बाद श्रद्घालुओं को प्रसाद वितरण किया और गाजे बाजे के साथ श्रीमद् भागवत कथा की विदाई की गई। ———तरपोंगी में कथा सुनने उमड़े श्रद्धालुतरपोंगी। स्थानीय ग्राम तरपोंगी में भागवत कथा के छठवें दिन कथावाचक पं. नवीन कृष्ण महाराज ने कृष्ण बाल लीला की कथा विस्तार पूर्वक बताया। कथा सुनने बड़ी संख्या में श्रोतागण उपस्थित थे। कथा का समय दोपहर 1 से शाम 5.30 बजे तक है।
Posted By: Nai Dunia News Network



