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बिहार: पूर्व डीजीपी को रास नहीं आई राजनीति? बन गए कथावचक

बिहार: पूर्व डीजीपी को रास नहीं आई राजनीति? बन गए कथावचक
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आउटलुक टीम

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बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के पद से वायलेंटरी रिटायरमेंट (वीआरएस) लेकर राजनीति में आए पूर्व आईपीएस गुप्तेश्वर पांडे अब नए अवतार में नजर आ रहे हैं। जिसकी वजह से वह इन दिनों सुर्खियों में छाए हुए हैं। पहले खाकी फीर नेता के बाद अब उन्होंने अध्यात्म की दुनिया में कदम रख लिया है और वह कथावाचक बन गए हैं।

इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें बिहार के पूर्व डीजीपी की तस्वीर कथावाचक के रूप में लगी है और लोगों को जूम एप से कथा वाचन से जुड़ने के लिए आमंत्रण दिया गया है। तस्वीर में पांडेय गेरुआ वस्त्र धारण कर भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं और श्रीमद्भागवत कथा सुना रहे हैं। कथा सुनने के लिए पोस्ट में जूम आईडी और पासकोड दिया गया है। इस पोस्ट में कथा का समय दोपहर दो बजे से तीन बजे दिया गया है।

गुप्तेश्वर पांडे अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले की उच्च स्तरीय जांच के दौरान काफी सुर्खियों में रहे थे। उन्होंने सुशांत की प्रेमिका अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती पर “औकात” शब्द का इस्तेमाल करते हुए विवादास्पद टिप्पणी की थी। रिया लंबे समय इस दौरान मीडिया के निशाने पर रही हैं।

अपने समय में रहे तेजतर्रार अधिकारी गुप्तेश्वर पांडे का अक्सर अपने समर्थकों द्वारा “बिहार के रॉबिन हुड” के रूप में स्वागत किया जाता था। 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी गुप्तेश्वर पांडे सोशल मीडिया के काफी चर्चित चेहरे हैं। फेसबुक पर उनके करीब 7 लाख और ट्वीटर पर अप्रैल 2020 में ज्वाइन करने के बाद अब तक करीब 2.5 लाख फॉलोअर्स है। लगातार वो राज्य की कानून-व्यवस्था और हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर सोशल-मीडिया पर वीडियो के जरिए टिप्पणी करते नजर आते हैं।

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