पटना। बिहार के अररिया में बदमाशों ने सुबह-सुबह एक दैनिक अखबार के पत्रकार विमल कुमार यादव को गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जाता है कि शुक्रवार 18 अगस्त की सुबह कुछ बदमाश विमल कुमार यादव के घर पहुंचे, दरवाजा को खटखटाया और जैसे ही वह बाहर निकले तो उन्हें गोलियों से भून दिया गया। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। यह पूरा मामला रानीगंज थाना क्षेत्र का है। बेलसरा के हीरो शोरूम के पीछे विमल कुमार यादव का घर है। घटना के बाद विमल कुमार यादव की पत्नी पूजा देवी ने चिल्लाकर आसपास के लोगों को बुलाया। मौके पर पहुंचे लोगों ने रानीगंज थाना को सूचना दी, रानीगंज थानाध्यक्ष कौशल कुमार दलबल के साथ पहुंचे। विमल कुमार यादव को रानीगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अररिया सदर अस्पताल भेज दिया गया ।
जी हां बिहार में कानून और प्रशासन का डर अपराध और अपराधियों पर अब भी बेअसर है। लोकतंत्र का चौथा आधार स्तंभ कहे जाने पहियों को चलने से जो पारदर्शिता शासन, प्रशासन की कार्यशैली जनता, जनार्दन के बीच आईने के रूप में परिलक्षित होता है उसे ही उखाड़ फेंकने पर अपराधी आमादा है। बिहार के अररिया जिले में फिर से ऐसा ही देखने को मिला है। पत्रकार के घर को अल सुबह खटखटा कर खुलवाना और उसके निकलते ही उसे तड़ातड गोली मारकर हत्या कर देना। क्या यह शासन सत्ता की अक्षमता को नही दर्शाती। मुख्यमंत्री जी आपके राज्य बिहार में पत्रकार बिमल कुमार की गोली मारकर हत्या देश दुनियां के लोगो में पत्रकार की स्थिति उनके सुरक्षा ,संरक्षा पर क्या संदेश जाहिर करती है। जहां इस तरह की घटना हो, शासन, प्रशासन कानून और पुलिस का भय न हो तो आम जनता की क्या स्थिति होगी।
पत्रकार बिमल कुमार यादव को गोली मारकर की गई हत्या
यह पूरा मामला अररिया जिले के रानीगंज थाना क्षेत्र का है। बेलसरा के हीरो शोरूम के पीछे विमल कुमार यादव का घर है। बिमल कुमार की पत्नी पूजा देवी के अनुसार सुबह में घर का दरवाजा खटखटाकर उनके पति का नाम लेकर हल्ला किया जा रहा था, वे दोनों उठकर घर का दरवाजा और ग्रिल खोल रहे थे। इसी क्रम में उनके पति मेन गेट खोलकर जैसे ही दरवाजे पर पहुंचे की गोली चलने की आवाज आई और पति के चिल्लाने पर वह दौड़कर पहुंचीं तो देखा कि उनके पति खून से लथपथ पड़े हैं। उन्होंने गोली मारने की जानकारी आसपास के लोगों को दी, जिसमे कि सुबह में बाहर अधिक लोग नहीं थे, उसके बाद विमल कुमार यादव की पत्नी पूजा देवी ने चिल्लाकर आसपास के लोगों को बुलाया। मौके पर पहुंचे लोगों ने रानीगंज थाना को सूचना दी, रानीगंज थानाध्यक्ष कौशल कुमार दलबल के साथ पहुंचे। विमल कुमार यादव को रानीगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अररिया सदर अस्पताल भेज दिया गया।
दो साल पहले हुई भाई की हत्या
पूजा देवी ने बताया कि दो साल पहले उनके देवर गब्बू यादव की भी बदमाशों ने इसी तरह हत्या कर दी थी। उनके पति विमल कुमार यादव किसी केस में मुख्य गवाह थे, केस ट्रायल पर कोर्ट में चल रहा था। बदमाश गवाही देने से मना कर रहे थे। कुछ दिन पहले केस में गवाही दिए थे। विमल कुमार यादव अपने पीछे एक बेटा, एक बेटी और पत्नी को छोड़ गए हैं. घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
कुछ दिन पहले केस में कोर्ट में गवाही दिए थे।
विमल कुमार यादव किसी केस में मुख्य गवाह थे, केस ट्रायल पर कोर्ट में चल रहा था। बदमाश गवाही देने से मना कर रहे थे। कुछ दिन पहले केस में गवाही दिए थे। बहरहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। परिजनों का कहना है कि सुपौल जेल में बंद रूपेश ने ही हत्या की साजिश रची थी। उसने जेल से ही हत्या की सुपारी दी थी।
बड़ी संख्या में जुटे पत्रकार
घटना के बाद भारी संख्या में जिले के पत्रकार एवं आम जनता की भीड़ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार, सचिव अमित कुमार अमन, राकेश कुमार, मिंटू सिंह सहित दर्जनों की संख्या में पहुंचे पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों से मसले पर बातचीत की। शीघ्र हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की। पत्रकार संघ ने मामले में पत्रकारों की असुरक्षा को लेकर आंदोलन करने की बात कही वहींं जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया के बिहार इकाई ने एरिया के पत्रकार विमल कुमार यादव की हत्या को निंदनीय बताते हुए त्वरित कठोर कार्रवाई की मांग की है। और दिवंगत पत्रकार के आश्रितों को 50 लाख मुआवजा व स्थाई नौकरी देने की मांग सरकार से की है।

