भिलाई / खुर्सीपर के नवीन कॉलेज के सामने निर्माणाधीन कमरे को ढहाने के मामले में आज एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने बीएसपी प्रबंधन के खिलाफ नगर सेवाएं विभाग (टीए) बिल्डिंग में जमकर हंगामा किया। विभाग को नोटिस जारी किए बगैर शासकीय कार्य को नुकसान पहुंचाने के मामले में बीएसपी प्रबंधन और डीजीएम केके यादव खिलाफ नारेबाजी की और पूतला भी जलाया ।
प्रदर्शनकारी एन.एस. यू.आई के कार्यकर्ताओं ने बीएसपी प्रबंधन से एक सप्ताह के अंदर मामले को सुधारने की मांग की है और सुधार नहीं करने की दशा में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। प्रदर्शनकारी एन.एस. यू.आई के कार्यकारी अध्यक्ष गुरलीन सिंग, रौनक भाटिया, अमन सागर,फराज अहमद, हितेश पटेल मार्टिन, आदित्य नारंग, दीपक का सयुंक्त रूप से कहना है कि प्रदेश में भिलाई की शिक्षाधानी के रूप में अपनी अलग पहचान है। उसे बीएसपी प्रबंधन मिटाने का काम कर रही है।
प्रबंधन पिछले कई सालों से एक-एक कर टाउनशिप और खुर्सीपार क्षेत्र के स्कूलों को बंद करते जा रही है। अब तक अधिकतर स्कूलों को बंद कर चुकी है। राज्य सरकार ने उनकी बिल्डिंग में शासकीय नवीन कॉलेज का संचालन कर रही है। वहां पर भी बनाई जा रही कमरों को अवैध बताकर तोड़ने में लग गई और शासकीय नवीन कॉलेज खुर्सीपार में निर्माण कमरे की दीवार को सूचना दिए बगैर ढहा दिया गया, जो बीएसपी प्रबंधन के ओछी मानसिकता को दर्शाता है।
तोड़ने से पहले नोटिस तो दे देते
प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना है कि कॉलेज परिसर में कोई निजी निर्माण नहीं हो रहा था। कॉलेज से संबंधित कार्यों के लिए ही लोक निर्माण विभाग की ओर से कमरे का निर्माण किया जा रहा था। जिसे अवैध निर्माण और चौपाटी बताते हुए बिना नोटिस के निर्माणाधीन भवन को तोडफोड़ कर गिरा दिया गया।
जबकि चाहे तो नगर सेवाएं विभाग, काॅलेज प्रशासन, नगर पालिक निगम या फिर लोक निर्माण विभाग को नोटिस जारी कर भवन के बारे में जानकारी मांग सकता था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया। बीएसपी के कुछ अधिकारियों ने मनमानी पूर्वक निर्माणाधीन दीवार को ढहाकर शासन को नुकसान पहुंचाने का काम किया है। जो कि गलत है। उसी का विरोध कर रहे हैं।
बता दें कि बीएसपी के जनसंपर्क विभाग का कहना है कि बीएसपी प्रबंधन ने शासन को नवीन कॉलेज के लिए किराए पर जमीन दी गई है। जहां अवैध निर्माण करना शुरू कर दिया गया था। जिसे नगर सेवाएं विभाग की टीम ने जाकर ध्वस्त कर दिया है।



