
दुर्ग / पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2021 का सर्वेक्षण स्वतंत्र एजेंसी द्वारा प्रारंभ किया जा रहा है। सर्वेक्षण दल द्वारा 29 दिसंबर 2021 से जिला दुर्ग के ग्राम पंचायतों का भ्रमण किया जाएगा। सर्वेक्षण के दौरान स्वतंत्र एजेंसी द्वारा चयनित गांव का भ्रमण कर सार्वजनिक स्थलों जैसे शाला, आंगनबाड़ी, सामुदायिक स्वास्थय केन्द्र, हाटबाजार एवं ग्राम पंचायतों में स्वच्छता की स्थिति का आंकलन कर सभी ग्रामीणों से प्रतिक्रिया प्राप्त करेंगे, जिसके संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया है। ग्राम पंचायतों में स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2021 एवं ओडीएफ प्लस के संबंध में वाल पेंटिंग करायी गई है। गांव में तरल अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत 110 ग्राम में 1067 सोख्ता गड्ढो का निर्माण किया जा रहा है एवं 108 ग्रामों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत कचरा संग्रहण केन्द्रों की स्थापना की जा चुकी है।
जिनमें से 70 ग्रामों में रिक्शा के माध्यम से स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा घर-घर जाकर कचरा एकत्रीकरण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। जिन गांव में सेग्रीगेसन शेड का निर्माण किया जाना शेष है, उन ग्राम पंचायतों में किसी भी भवन को जो उपयोग में नहीं है, को सुधार करते हुए कचरा संग्रहण केन्द्र के रूप में कुछ समय के लिये उपयोग किये जाने की व्यवस्था की जा रही है। जिससे एजेन्सी द्वारा प्रत्यक्ष अवलोकन के समय रैंकिंग हेतु नम्बर प्राप्त हो सके। प्रत्येक अवलोकन हेतु 300 अंक निर्धारिण किया गया है। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2021 की रैंकिंग हेतु सीटिजन फिडबैक एक महत्वपूर्ण घटक है। जिसमें 350 अंक निर्धारित है। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2021 के तहत प्रत्येक जिले में कुल जनसंख्या का 5 प्रतिशत न्यूनतम फीडबैक किया जाना है। फीडबैक किए जाने हेतु भारत सरकार द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2021 का एक ऐप तैयार किया गया है।
ऐप के माध्यम से प्रत्येक मोबाइल से स्वच्छता संबंधित प्रश्नों के उत्तर हां या नहीं में देकर फीडबैक फॉर्म भरा जाना है। फीडबैक फॉर्म भरे जाने हेतु भाषा का चयन अपने अनुसार उपयोगकर्ता द्वारा किया जा सकता है। इस कार्य में गति लाने के लिए श्री अश्विनी देवांगन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग द्वारा दिए गए, निर्देशानुसार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत पंजीकृत सभी स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा फीडबैक फॉर्म भरा गया है साथ ही स्वच्छता हेतु कार्य कर रहे स्व-सहायता समूह के माध्यम से घर-घर जाकर ग्रामीणों से फीडबैक दर्ज कराया गया है। अब तक एसएसजी 2021 एप के माध्यम से 44988 फिडबैक दर्ज किये जा चुके हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2021 फिडबैक हेतु 5 प्रश्नों के उत्तर में हां में दिए गए उत्तर को धनात्मक सूची में शामिल किया जाएगा वहीं नहीं में दिए गए जवाबों के नंबर घटाये जाएंगे। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत आज सभी स्व-सहायता समूह की महिलाओं को कलस्टर स्तर पर बैठक कर फीडबैक फॉर्म भरने का प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें मुख्य रुप से दुर्ग, धमधा एवं पाटन में प्रशिक्षण आयोजित कर अधिक से अधिक फीडबैक करने के लिए प्रेरित किया गया।
ग्राम पंचायत थनौद, ननकट्ठी, रिसामा में स्वसहायता समुह का प्रशिक्षण व सभाकक्ष जनपद पंचायत दुर्ग में उपसरपंच के प्रशिक्षण, ग्राण्पंण् बोरी, जनपद पंचायत धमधा एवं सभागार व बीपीआरसी, जनपद पंचायत पाटन में आयोजित स्वसहायता समूह के प्रशिक्षण में सम्मिलित सभी प्रतिभागियों से फीडबैक दर्ज कराया गया एवं समस्त ग्रामीणों से फीडबैक दर्ज कराने के निर्देश दिये गये। जिला दुर्ग के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की स्थिति के संबंध एसएसजी 2021 एप केे माध्यम से फीडबैक दर्ज कर सकते है।
एमआईएस, रिपोर्टिंग हेतु निर्धारित अंकों की प्राप्ति हेतु उक्त समस्त आन लाईन प्रविष्टियां मोबाईल एप के माध्यम से किया जा रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2021 दौरान ग्राम पंचायतों में अधिक से अधिक जागरूकता हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया है।



