
Publish Date: | Sun, 12 Dec 2021 12:10 AM (IST)
टुंडरा। धार्मिक नगरी शिवरीनारायण व गिधौरी से 15 किमी दूर स्थित त्रिवेणी संगम तट पर श्री मारुति धाम देवरघटा में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन 4 से 11 दिसंबर तक हुआ। कथा श्रवण करने नगर सहित आसपास व दूरस्थल अंचल के श्रद्घालु पहुंचे थे। संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन कथा व्यास लखन दास महराज ने श्री कृष्ण सुदामा चरित्र की कथा सुनाई। वहीं छठवें दिवस की कथा के विश्राम से पूर्व मारुति धाम देवरघटा धाम के संत गोपाल दास महराज ने सबको कथा श्रवण कराते हुए बताया कि भगवान श्री राधा माधव, श्री सीताराम की कथा श्रवण करना व आयोजन करना बड़े पुण्य का काम है। प्रभु की भक्ति में प्रत्येक मनुष्य को सतत लगी रहनी चाहिए। इस दुनिया में इंसान खाली हाथ आता हैं और यश, अपयश कमाकर जाता है। मानव योनी सर्वश्रेष्ठ है। इस जीवन का सदुपयोग प्रभु की भक्ति करके करनी चाहिए। भक्ति भाव पूरे शुद्घ मन से करनी चाहिए। 84 लाख योनी में सबसे सर्वश्रेष्ठ मानुष तन है। जिस मन से भक्ति करेंगे वैसे ही परमात्मा फसल देते हैं। कथा श्रवण करने के लिए मुख्य यजमान सरोज अशोक चौबे सहित नगर पंचायत शिवरीनारायण अध्यक्ष अंजनी मनोज तिवारी, पार्षद गायत्री राधेश्याम सोनी, बसंत देवांगन, कोमल साहू, ओम प्रकाश शर्मा, मनहरण केंवट, विक्की ठाकुर, उग्रेश्वर गोपाल केवट, सुदर्शन मानिकपुरी सहित अनेकों श्रद्घालु उपस्थित रहे।शुद्ध मन से करनी चाहिए भक्तिउन्होंने कहाकि मोह माया की दुनिया में सभी धन दौलत के लिए हाय-हाय कर रहे हैं। जबकि प्रत्येक मनुष्य हरेक प्राणी को भगवान श्री सीताराम, श्री राधा माधव की कथा सुननी चाहिए। रामायण जीवन जीना सिखाती है और भागवत कथा करना सिखाती हैं। अतः हम सभी को शुद्घ मन से भगवान की भक्ति करनी चाहिए। निश्चित ही परमात्मा की आशीर्वाद पाते हुए सद्गति प्राप्त होगी। अतः सबको प्रभु की भक्ति हमेशा करते रहना चाहिए।
Posted By: Nai Dunia News Network



